रात को 2 बजे के करीब हमारी chevorlet beat कार जयपुर में बानी पार्क के पास सैनिक विश्राम गृह के सामने रुकी । मैं और मेरा साला अंकित कार से उतरे और सैनिक विश्राम गृह के मुख्य दरवाजे को खोलकर अंदर काउंटर पर पहुँचे । वहाँ पर सो रहे केयरटेकर को नींद से जगाया और पहले से अपने लिए आरक्षित किये हुए 3 कमरों की चाभी ली